नई दिल्ली,उमाशंकर:गुड न्यूज कह सकते हैं कि चंद्रयान-2 मिशन को लेकर इसरो की उम्मीदें अब भी बरकरार हैं। वह लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क जोड़ने की हर संभव कोशिश में है, जो ‘हार्ड लैंडिंग’ के बाद फिलहाल चंद्रमा की सतह पर है। सोमवार को इसरो ने इसी बाबत खुशखबरी दी। कहा है कि विक्रम लैंडर बिल्कुल सुरक्षित है और जल्द ही उससे संपर्क साधा जाएगा।

इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि लैंडर विक्रम एक तरफ झुका दिखाई दे रहा है, ऐसे में कम्युनिकेशन लिंक वापस जोड़ने के लिए यह बेहद जरूरी है कि लैंडर का ऐंटीना ऑर्बिटर या ग्राउंड स्टेशन की दिशा में हो। हमने इससे पहले जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में गुम हो चुके स्पेसक्राफ्ट का पता लगाया है लेकिन यह उससे काफी अलग है।

इसरो के पूर्व चीफ माधवन नायर ने यह जानकरी मिलने पर कहा कि विक्रम से दोबारा संपर्क साधे जाने की अब भी 60 से 70 प्रतिशत संभावना है। आपको बतादें कि 6-7 सितंबर की दरम्यानी रात जब विक्रम लैंडर पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत चांद की सतह पर बढ़ रहा था…

तभी अचानक उसका इसरो से संपर्क टूट गया। उस वक्त चांद की सतह से विक्रम की दूरी 2.1 किलोमीटर बची थी। इसरो के वैज्ञानिक अब भी विक्रम से दोबारा संपर्क जोड़ने की कोशिश में लगें हुए हैं।