2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार कांग्रेस में बड़े पैमाने पर सांगठनिक बदलाव की तैयारी है। पार्टी की नजर जिलाध्यक्षों पर टेढ़ी हो गयी है इसलिए बिहार कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की तैनाती नये सिरे से होगी। दरअसल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार कांग्रेस वैसे जिलाध्यक्षों की छुट्टी करना चाहती है जो संगठन के लिए काम नहीं कर रहे हैं या समय नहीं दे रहे हैं। पार्टी की ओर से वैसे लोगों को चिन्हित किये जाने का काम शुरू है। बता दें कि बिहार में अधिकतर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के कार्यकाल के दौरान हुई थी।

ऐसे लोगों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी प्रदेश नेतृत्व को सौंपी गई है। पार्टी जिला कमेटियों के कामकाज की समीक्षा कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह प्रभारी सचिव वीरेंद्र सिंह राठौर के अलावा चारों कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष को जिला अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली में 14 दिसंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली के बाद अपनी रिपोर्ट उसके बाद उस रिपोर्ट पर निर्णय ले गया। बिहार प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी की एक कमेटी का गठन किया गया है, जो जिलाध्यक्ष के कामकाज की समीक्षा करेगा जहां जरूरत होगी वहां जिला अध्यक्षों को बदला जाएगा।