कोरोना वायरस ने पूरी दूनिया में तबाही मचा दी है। अब 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस हवा से भी फैलता है। वैज्ञानिकों ने इसके लिए डब्लयूएचओ को एक खुला पत्र भी लिखा। इसके जवाब में डब्लयूएचओ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।डब्ल्यूएचओ से वैज्ञानिकों ने पूछा था कि कोरोना हवा के जरिए कब कब फैलता है। इस पर डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कुछ परिस्थितियों में कोरोना का हवा से फैलने के प्रमाण मिले हैं। उन्होंने कहा है कि किसी कोरोना संक्रमित मरीज को ऑक्सीजन लगाते वक्त भी कोरोना हवा के जरिए फैलता है। इसके अलावा कोरोना नाक और मुंह से निकले ड्रॉप्लेट्स से भी फैलता है। इसके लिए डब्लयूएचओ ने गाइडलाइन भी जारी की थी।

डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाते हुए मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. माइकल ऑस्टरहोल्म ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने इंफ्लुएंजा वायरस के बारे में स्टडी नहीं की। इससे यह पता नहीं लग पाया कि ये वायरस हवा में फैलता है या नहीं। डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जेसरेविक ने कहा है कि हम वैज्ञानिकों के द्वारा लिखे पत्र पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हवा से कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है।