झारसुगुड़ा: बीजेपी के राष्टीय सचिव और ओडिशा के प्रभारी अरुण सिंह ने स्थानीय होटल में मीडिया से रुबरु होते हुए कहा कि सूबे के अस्पतालों में डॉक्टर्स के अभाव के चलते स्वास्थ सेवा लचर है। इस अभाव को दूर करने के लिए  कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। सरकार इसे दूर करने के बजाए सिर्फ घोषणा तक ही सीमित रह गई है और लोगों को समुचित चिकित्सा के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

अरुण सिंह ने स्थानीय विधायक व सूबे के स्वास्थ्य मंत्री नवकिशोर दास पर जम कर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक का गृहक्षेत्र होने के बावजूद यहां पर भी चिकित्सा सेवा नाम की कोई चीज ही नही है। कहने को तो यहां सात मंजिला जिला चिकित्सालय बना कर इसका लोकापर्ण भी कर दिया गया है। लेकिन यहां दूर दराज से आए गरीब लोगों को चिकित्सा सेवा नहीं मिल पा रही है।

आए दिन डाक्टरों व स्टॉफ की लापरवाही के कारण मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। श्री सिंह यहीं नहीं रुके उन्होनें कहा कि हाल ही में एक मरीज की मौत डॉक्टरों की अनदेखी से हो गई थी। जब मरीज के परिजनों ने इसे लेकर हंगामा किया तो अपनी जान बचाने मृत व्यक्ति को ग्लूकोज व इंजेक्सन दिया गया था। यह हाल जब स्वास्थ मंत्री के गृह जिले का है तो इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा का क्या हाल होगा।

मरीजों के बीच फल बांटकर सेवा सप्ताह किया शुभारंभ

पीएम नरेंद्र मोदी के जन्म दिन को बीजेपी सेवा सप्ताह के रूप में मना रही है। 14 सितंबर से 20 सितंबर तक चलने वाले इस सेवा सप्ताह का पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सह प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्य अस्पताल में मरीजों के बीच फल व मिठाई बांट कर शुभारंभ किया गया।

इस दौरान सिंह समेत भाजपा नेताओं ने मरीजों से इलाज सही ढंग से हो रहा है या नहीं, समय पर दवा मिलती है कि नही तथा डॉक्टर व स्टाफ के कार्य व्यवहार की भी जानकारी ली। इस दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष राधारानी पंडा, मगर साहु, नेताजी पटनायक, नरेश नायक, भाजयुमो के बबलू सिंह, नीलांबर दंडसेना प्रमुख शामिल थे।