नई दिल्ली: कोविड- 19 के चलते मरणासन्न हो चुकी  देश की  माली हालत मे तात्कालिक सुधार के लिए अर्थ क्रान्ति के प्रवर्तक अनिल बोकील जी ने भारत सरकार को जबरदस्त सुझाव देते हुए कहा कि यदि पेट्रोल डीजल पर लगने वाले सेन्ट्रल टैक्स हटा कर उसके स्थान पर दशमलव तीन प्रतिशत बैंक ट्रान्जेक्शन शुल्क BTT ( सौ रुपये पर महज तीस पैसा )  लगा दे तो उसकी रेवन्यू वर्तमान सिस्टम मे जो ढाई लाख करोड है वो बड कर छह लाख करोड हो जाएगी।राज्यों द्वारा उस पर टैक्स लगाने के बाद भी पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर के दाम क्रमशः 40 और 35;रुपये हो जाएंगे. इससे न सिर्फ आटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट बल्कि कई अन्य सेक्टरो में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगी।

“भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये संजीवनी है – अर्थक्रान्ति” विषय पर एबी फाउंडेशन, दिल्ली की ओर से 26 जुलाई को आयोजित वेबिनार में  देश भर से सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में
मुख्य वक्ता अर्थक्रान्ति प्रतिष्ठान के संस्थापक श्री अनिल बोकिल ने कोरोना महामारी के कारण देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और उसके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चीन और अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों के मध्य शीतयुध्द के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
देश की अर्थव्यवस्था और उससे संबंधित अनेक समस्याओं के समाधान के लिए वर्तमान दोषपूर्ण कर प्रणाली में बदलाव को अर्थक्रान्ति प्रस्ताव के जनक अनिल बोकिल ने जरूरी बताया।

बोकील जी ने बताया कि दुनिया के अनेक देशों में जहां GST लागू है उनकी जनसंख्या अधिकतम 27 करोड़ तक है। अमेरिका ने, जिसकी जनसंख्या 32 करोड़ है, GST को अस्वीकार कर दिया। GST के जिस कनाडा मॉडल को देश में अपनाया गया है उसकी आबादी मात्र 3.5 करोड़ है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान कर प्रणाली ही देश में भ्रष्टाचार, कालेधन, अपराध, आतंकवाद, राजकोषीय घाटा, विकास के लिए विदेशी बैंकों पर निर्भरता आदि समस्याओं का मुख्य कारण है। इन समस्याओं का समाधान अर्थक्रान्ति प्रस्ताव के अनुसार बताते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन को ध्यान में रख कर  कस्टम ड्यूटी को छोड़ केंद्र, राज्य एवं स्थानीय प्रशासन के सभी टैक्स समाप्त करके मात्र 2 प्रतिशत बैंक ट्रान्जेक्शन टैक्स लगाने का सुझाव दिया। जैसा कि चाणक्य ने कहा था कि सरकार को टैक्स वैसे ही लेना चाहिए जैसे मधुमक्खी फूलों से शहद लेती है बिना उनको नुकसान पहुंचाए। यह टैक्स तभी लगेगा जब खाते में रुपया जमा होगा। मात्र 2 प्रतिशत टैक्स से सरकार को RBI के आंकड़ों के अनुसार 40 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। जबकि सभी प्रकार के टैक्स लगाने के बाद केंद्र, राज्य एवं स्थानीय प्रशासन को कुल 41 लाख करोड़ राजस्व ही मिल पाता है।

इसके साथ ही उन्होंने 100 से बड़े नोट बंद करने की सलाह दी और बताया कि ऐसा होते ही भ्रष्टाचार, कालेधन, अपराध, आतंकवाद, नकली नोट आदि समस्याओं पर अंकुश लग जायेगा। इसके साथ ही ऐसा प्रावधान करना होगा कि 2000 से अधिक के नगद लेन देन को कानूनी सुरक्षा नहीं प्राप्त होगी। इसका परिणाम यह होगा कि नगद लेन देन घट जाएगा और डिजिटल ट्रांजेक्शन में बेतहाशा वृद्धि होगी। जिसके परिणामस्वरूप आगे चल कर बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स भी 2 प्रतिशत से कम हो जाएगा।

अनिल बोकिल ने पेट्रोल व डीजल के दाम घटाने के लिए सुझाव दिया कि केंद्र सरकार अपना एक्साइज टैक्स हटा ले और उसके बदले 0.3 प्रतिशत BTT लगा दे तो उसे 6 लाख करोड़ राजस्व प्राप्त होगा जबकि पेट्रोल, डीजल से उसे मात्र 2.5 लाख करोड़ ही राजस्व मिलता है। इससे सामानों के दाम भी घटेंगे और जनता को बहुत राहत मिलेगी।

कार्यक्रम के अंत में लोगों ने अनेक प्रश्न पूछे और बोकिल जी ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ब्राजील में 2001 में BTT लागू किया गया लेकिन बड़े नोट नहीं बंद किये गए जिसके कारण अप्रत्याशित परिणाम नहीं मिले। वर्तमान में MSME सेक्टर की दयनीय स्थिति का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि अनेक देशों में व्यापारियों और उद्योगपतियों को 2-3 प्रतिशत वार्षिक की दर से ऋण मिल जाता है इसलिए भारतीय उद्योग उनका मुकाबला नहीं कर पाते। अर्थक्रान्ति प्रस्ताव यदि सरकार ने लागू किया तो हमारे देश के व्यापारियों को भी 2-3 प्रतिशत वार्षिक की दर से ऋण मिलने लगेगा और वे विदेशी उद्योगों का मुकाबला करने में सक्षम हो जाएंगे।

एक प्रश्न के उत्तर मे बोकील जी ने कहा कि आठ दस महीने तक सौ के नोट छापने के बाद अर्थ क्रान्ति लागू करना घातक होगा। बडे नोट धीरे धीरे बंद किये जा सकते हैं। वैसे भी एक साल  से दो हजार के नोटों की छपाई बंद हो चुकी है। आप बाद मे पांच और दो सौ के नोटों की भी छपाई बंद कर सकते हैं।  मृत्यु शैयां पर पडी अर्थ व्यवस्था मे विलंब से उसका इलाज नहीं पोस्टमार्टम ही हो सकेगा। इस लिए इस प्रस्ताव को तत्काल लागू करने की जरूरत है।

इस वेबिनार में  श्री आलोक शर्मा राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेश, श्री आई पी सिंह राष्ट्रीय प्रवक्ता समाजवादी पार्टी, एमएलसी श्री अशोक धवन प्रमुख नेता भाजपा, सीए श्री नारायण खेमका, श्री ध्रुव अग्रवाल, श्री प्रमोद राम त्रिपाठी, श्री प्रदीप चौरसिया एवः श्री विजय जी आदि पैनेलिस्ट मौजूद रहे।

एबी फाउण्डेशन के संस्थापक   सीए सी के मिश्रा ने पैनेलिस्टो का शुरू मे परिचय दिया और विजय जी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया ।

वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा, रवि पांडे, राजेश पाण्डेय , दिशा शुक्ला एडवोकेट ,अमित शर्मा ,ममता शुक्ला, अंजली दिक्षित,  भाजपा नेता अश्वनी उपाध्याय एडवोकेट, शिव शंकर दास और आनंद सिंह एडवोकेट ने बोकील जी से सवाल पूछे।

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