पटना: मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। जी हां कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है आलिया सैनी के जीवन यात्रा को देखने के दौरान। आलिया बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली है लेकिन आजकल सूबे की राजधानी पटना में रह रही है। एक तरफ पढ़ाई तो दुसरी तरफ सपनों की उड़ान के लिए कठिन संघर्ष। दोनों साथ-साथ।

सवाल: आलिया आपकी माता जी राजनीति में और पिताजी बिजनेसमैन हैं और आप एक्टिंग और मॉडलिंग।कहीं कोई तालमेल नहीं है।

आलियाः दरअसल मुझे बचपन से ही एकटिंग,मॉडलिंग,डांसिंग,ड्राइंग और घुमना बेहद पसंद रहा है। आज भी मैं किसी को देखती हूं तो उसके हाव भाव को अपने अंदर आत्मसात करने की कोशिस करती हूं। मुझे नेचुरल अदाकारी पसंद है औऱ इसके लिए किसी भी कलाकार को कहानी को अपने अंदर महसूस करना पड़ता है। और मैं यही करती हूं। साथ ही थियेटर से भी जूड़ी हूं।

सवाल: आपने मॉडलिंग में भी अपना हुनर दिखाया है।
आलिया: दरअसल एक्टिंग मेरा गोल है। जहा तक मॉडलिंग का सवाल है तो मुझे ये भी करना पसंद है। इससे एक्टिंग में मदद ही मिलती है। मैं सीवी की विनर रही हूं, साथ ही मिस्टर और मिस बिहार की सेकेंड रनरअप भी रही हूं। अभी मैं एक नामचीन ब्रांड के लिए मॉडलिंग करने वाली हूं नाम अभी नहीं बताउंगी। बिल्लो रानी जो की फैशन डिजाइनर हैं उनके लिए भी मॉडलिंग कर चुकी हूं। अभी कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही हूं।


सवाल: आपने साउथ की मूवी में भी काम किया है।
आलिया: साउथ की दो फिल्मों में काम की हूं। अभी आगे भी कुछ फिल्मों के लिए बातें चल रही हूं। दरअसल मैं पहले हैदराबाद में थी। अभी साउथ की भाषा भी सीख रही हूं। देखिए अगर आप कलाकार हैं तो भाषा आड़े नहीं आती है। लेकिन मेरा फोकस हिन्दी है।
सवाल: भोजपुरी सिनेमा में काम करने का इरादा है।
आलिया: भोजपुरी फिल्म का भी बड़ा बाजार है। बड़ी संख्या में दर्शक हैं। मैंने कहा ना कि कोई भाषा बुरी नहीं होती। वो चाहे बंगला हो या मराठी। सभी इंडस्ट्री का अपना वजूद है। कल को अगर हिन्दी के अलावे अन्य भाषाओं में काम मिलेगा तो जरुर करुंगी। बशर्ते कहानी अच्छी हो।


सवाल: आपकी पसंदीदा कलाकार कौन हैं?
आलिया: देखिए सभी कलाकारों की अपनी खासियत है। सबका अपना-अपना अंदाज है। फिर भी मैं अक्षय कुमार की फैन हूं। और अभिनेत्री में कंगना रनौत की जिन्होंने अपने बल पर फिल्म इंडस्ट्री में अपना मुकाम बनाया है। ये लोग मेर ही नहीं बल्कि लाखों-करोड़ों के आदर्श हैं।
सवाल: सुना है आप ड्राइग भी करती हैं।
जवाब: हां जब मैं काम करते-करते थक जाती हूं ड्राइंग करती हूं। और मैं डायरी भी लिखती हूं। मैं चाहती हूं कि बिहार का अपना फिल्म उद्योग हो ताकि यहां के लोगों को यहीं काम मिले। आप देखिए यहां भोजपुरी,मगही,मैथली,अंगिका और बगल में झारखंड है। कितनी भाषा-बोली और संस्कृति है। ऐसे सुना है राजगीर में फिल्म सिटी का काम जल्द पुरा होने वाला है। ये हम जैसे कलाकारों के लिए वरदान साबित होगा।

सवाल: अभिनय और मॉडलिंग की दूनिया में आने वालों को क्या संदेश देना चाहेगीं।
आलिया: जीवन में कभी शॉट कर्ट नहीं अपनायें । कड़ी मेहतन और ईमानदार कोशिश ही आपको मंजिल दिला सकती है। प्रयास जारी रखें। कौन क्या कहता इसके पीछे ध्यान ना दें। हां उपर वाले पर भरोसा रखें वो बुरा नहीं करते।