बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग एक बार फिर होने लगी है। इस बार यह मांग विपक्षी खेमे से उठ रही है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि यह सही वक्त है जब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाना चाहिए और अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग की है। तेजस्वी ने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न संकट करोड़ों गरीबों और निम्न आय समूहों के लिए अकल्पनीय, असहनीय और उनके अस्तित्व के लिए पीड़ादायक होगा।

हमारी पुरजोर माँग है कि इस संकट की घड़ी में ड़बल इंजन सरकार बिहार को अविलंब विशेष राज्य का दर्जा दें। मुझे उम्मीद है डबल इंजन सरकार और माननीय मुख्यमंत्री कम से कम जनादेश अपमान की एवज में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की हमारी मांग पर केंद्र सरकार को राजी करेंगे।तेजस्वी ने बिहार के विशेष राज्य के दर्जा को अपने पार्टी का मुद्दा बताते हुए कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार जनादेश के अपमान के एवज में कम से कम बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के हमारे मांग का समर्थन करें।

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला गरीब राज्य है। 15 वर्षों की एनडीए सरकार की विफलताओं के चलते नीति आयोग के सभी महत्वपूर्ण सत्तत विकास सूचकांकों में सबसे निचले पायदान पर रहने और अब इस महामारी के संकट के कारण बिहार को वैध रूप से विशेष राज्य का दर्जा, एक विशेष समावेशी वित्तीय और चिकित्सा पैकेज की आवश्यकता है।