पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस में सोमवार को आखिरकार फैसला सुनाया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता सांझी राम समेत 6 लोगों दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया। पठानकोट की विशेष अदालत ने सांझी राम, परवेश दोशी और दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा, वहीं हेड कांस्टेबल तिलकराज, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) सुरेंद्र वर्मा को 5-5 साल की कैद और 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि दोषियों को सजा मिलने के बाद मासूम बच्ची की मां ने फैसले पर नाखुशी जाहिर की। पठानकोट की विशेष अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित बच्ची की मां ने फैसले पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘हमें अपनी बच्ची के दोषियों के लिए फांसी से कम सजा मंजूर नहीं है। उस घटना के इतने दिनों बाद भी मेरी बच्ची को सही इंसाफ नहीं मिला है। इस मामले में सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।’

आपको बता दें कि कठुआ में पिछले साल 10 जनवरी को आठ साल की मासूम बच्ची का अपहरण उस समय किया गया, जब वो घोड़े चराने के लिए गई थी। बच्ची के साथ लगातार चार दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया गया, बाद में उसकी हत्या कर दी गई। कठुआ गैंगरेप मामले को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हुए, साथ ही इसमें जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की गई थी।