पटना : अब रेरा के नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों पर रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी रियायत के मूड में नहीं है। दरअसल जो खबर रेरा से आ रही है वह चौंकाने वाली है। आज हम आपको दो ऐसी रियल एस्टेट क्षेत्र की नामचीन कंपनियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आशियाने के सुनहरे ख्वाब दिखाकर उपभोक्ताओं को ठगने का काम कर रही है।

ये खबर उनके लिए तो जरूरी है ही जो इस कंपनी से अपने सपनों का घरौंदा खरीद रहे है। आवश्यक उनके लिए भी है जो इन बिल्डरों से घर खरीदना चाहते हैं। और अन्य के लिए भी कि कौन कौन कंपनी रेरा के कायदे कानून के विरुद्ध निर्माण कार्य करवा रही है।

आइए अब आपको बताते हैं वो नाम जिसमें आप लगा चुके हैं अपनी जमा पूंजी:-

पहला नाम है- ‘स्टार इंडिया कंस्ट्रक्शन’ । पता- पटना।अगर आप इसके वेबसाइट पर जाऐंगे तो आपको ऊंची ऊंची इमारतों वाली तस्वीर चस्पा मिलेगी। कई प्रोजेक्ट पटना और आसपास इलाकों में चलती दिखायी गयी है।

दूसरा नाम- ब्रिक्स इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड। पता-पटना।हाल यहां भी वैसा ही है जैसा स्टार  रियल एस्टेट का है।यहां भी रेरा के नियमों को ताक पर रखा गया।

अब सवाल उठता है कि इस खबर की प्रमाणिकता क्या है?

इसकी प्रमाणिकता खुद रेरा यानि रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी देती है। दरअसल ब्रिक्स इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और स्टार इंडिया कंस्ट्रक्शन पर रेरा ने 42 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। क्या अब कोई संदेह है,कोई सवाल है?

रेरा ने इन दोनों को सख्त निर्देश देते हुए इन बिल्डरों को 60 दिनों के अंदर जुर्माने की राशि जमा करने का आदेश दिया है। अब ये भी जान लीजिए कि रेरा को ऐसा फैसला क्यों करना पड़ा?

नहीं कराया था रजिस्ट्रेशन

ब्रिक्स इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर 18 लाख और स्टार इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 24 लाख रुपए का जुर्माना लगा है। स्टार इंडिया पर रेरा में बगैर रजिस्टेशन कराए बिहटा में टेक टाउन विकसित करने के मामले में कार्रवाई की है। जबकि ब्रिक्स इस्टेट बिल्डर पर साइ मोतीलाल एनक्लेव, हाथीखाना, दानापुर रोड पर निर्माणाधीन परियोजना का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने का मामला है।

हेराफेरी का भी आरोप

रेरा ने दोनो बिल्डरों पर छह महीने की सुनवाई के बाद कार्रवाई की है। यही नहीं, बिल्डरों को गलती सुधारने का मौका भी दिया लेकिन फिर भी बिल्डर मनमानी से बाज नहीं आए। रेरा की जांच में दोनो बिल्डरों के खिलाफ बगैर रजिस्ट्रेशन प्लॉट और फ्लैट बेचने, परियोजना का प्रचार-प्रसार करने और हेराफेरी करने की पुष्टि हुई है। अगली कड़ी में कुछ और चेहरे होंगे बेनकाब।

नोट:-अगर आपके साथ भी किसी बिल्डर ने की है धोखाधड़ी तो अपने सारे कागजात हमें मेल/वॉट्सऐप कर सकते हैं।